प्रस्तुत शोध पत्र मा/यमिक स्तर के शिक्षण संस्थान परिवेश में कक्षा-कक्ष के भीतर होने वाले संवादात्मक व्यवहार की प्रकृति को समझने का एक प्रयास है। वर्तमान अ/ययन का मुख्य उद्देश्य राजकीय (सरकारी) तथा गैर-राजकीय (निजी) मा/यमिक विद्यालयों के पुरुष एवं महिला शिक्षकों के कक्षागत अंतःक्रियात्मक प्रतिमानों (प्दजमतंबजपवद च्ंजजमतदे) का मूल्यांकन करना तथा उनके म/य व्याप्त अंतर का सांख्यिकीय विवेचन करना है। इस अनुसंधान में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि (क्मेबतपचजपअम ैनतअमल डमजीवक) का अवलंबन किया गया है। न्यादर्श के रूप में यादृच्छिक प्रतिचयन प्रणाली द्वारा जयपुर जिले के कुल 60 मा/यमिक शिक्षकों का चयन किया गया, जिसमें राजकीय विद्यालयों के 30 शिक्षक (15 पुरुष व 15 महिला) तथा निजी विद्यालयों के 30 शिक्षक (15 पुरुष व 15 महिला) सम्मिलित हैं। आंकड़ों के संकलन हेतु कक्षागत अंतःक्रिया मापन के प्रमाणीकृत उपकरण का प्रयोग किया गया। प्राप्त प्रदत्तों के विश्लेषण तथा निर्मित तीन शून्य परिकल्पनाओं के परीक्षण हेतु म/यमान, मानक विचलन (ैक्) तथा टी-मूल्य (ज.जमेज) की गणना की गई। निष्कर्ष - सांख्यिकीय विश्लेषण से प्राप्त परिणाम यह दर्शाते हैं कि राजकीय एवं निजी मा/यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के समग्र कक्षागत अंतःक्रियात्मक व्यवहार में सांख्यिकीय दृष्टि से सार्थक अंतर विद्यमान नहीं है, जिससे प्रथम शून्य परिकल्पना स्वीकृत होती है। इसी प्रकार, दोनों प्रबंधकीय तंत्रों के पुरुष शिक्षकों (द्वितीय परिकल्पना) एवं महिला शिक्षिकाओं (तृतीय परिकल्पना) के म/य भी संवादात्मक व्यवहार में स्पष्ट सांख्यिकीय भिन्नता परिलक्षित नही हुई है।