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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 8 | No. 3 (I) | July-September, 2026 ]

रीवा जिले में रियल एस्टेट क्षेत्र के मा/यम से रोजगार सृजन का आर्थिक मूल्यांकन

डॉ. प्रतिमा बनर्जी एवं मानसी शर्मा (Dr. Pratima Banerjee & Mansi Sharma)

वर्तमान अ/ययन का उद्देश्य रीवा जिले में रियल एस्टेट क्षेत्र के मा/यम से उत्पन्न रोजगार के आर्थिक प्रभावों का विश्लेषणात्मक अ/ययन किया गया है। रियल एस्टेट क्षेत्र केवल भूमि एवं भवन निर्माण तक सीमित न होकर बहुआयामी आर्थिक गतिविधियों का आधार है, जो श्रम, पूंजी, वित्त, परिवहन तथा सेवा क्षेत्र के विभिन्न उपक्षेत्रों को प्रभावित करता है। प्रस्तुत अ/ययन द्वितीयक आंकड़ों पर आधारित है, जिसके मा/यम से यह स्पष्ट किया गया है कि जिले में रियल एस्टेट गतिविधियों के विस्तार से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के रोजगार अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निर्माण कार्यों में अकुशल एवं कुशल श्रमिकों, इंजीनियरों, ठेकेदारों तथा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े व्यक्तियों को व्यापक स्तर पर रोजगार प्राप्त हुआ है। साथ ही, बैंकिंग, बीमा, रजिस्ट्री सेवाएं तथा संपत्ति दलाली जैसे सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसरों का विस्तार हुआ है। शहरीकरण की तीव्र गति एवं आधारभूत संरचना के विकास ने इस क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया है। यद्यपि इस क्षेत्र में असंगठित श्रम, रोजगार की अस्थिरता तथा नीतिगत जटिलताएं प्रमुख चुनौतियों के रूप में विद्यमान हैं। अ/ययन निष्कर्षतः यह इंगित करता है कि यदि उचित नीति समर्थन, वित्तीय सुलभता एवं नियामक सुधार सुनिश्चित किए जाएं, तो रियल एस्टेट क्षेत्र रीवा जिले में रोजगार सृजन का एक प्रभावी एवं स्थायी मा/यम सिद्ध हो सकता है।

1.    भारत सरकार, आर्थिक सर्वेक्षण, नई दिल्ली, 2023
2.    आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, वार्षिक प्रतिवेदन, नई दिल्ली, 2022
3.    शर्मा, आर.के., रियल एस्टेट अर्थशास्त्र, जयपुर, 2021
4.    सिंह, ए., भारत में शहरी विकास, दिल्ली, 2020
5.    भारत की जनगणना, जनसंख्या प्रतिवेदन, 2011
6.    म/यप्रदेश शासन, सांख्यिकी सार, भोपाल, 2022
7.    वर्मा, एस., निर्माण उद्योग एवं रोजगार, मुंबई, 2019.
 


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