भारत में महिला उद्यमिता देश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक परिवर्तन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण इंजन बन चुकी है। देश की कुल आर्थिक वृद्धि में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। विभिन्न सरकारी पहलों, स्टार्टअप अभियानों और डिजिटल सशक्तिकरण के कारण आज लाखों महिलाएँ उत्पादन (डंदनंिबजनतपदह), व्यापार (ज्तंकपदह) और सेवा (ैमतअपबम) क्षेत्रों में अपने उद्यम स्थापित कर रही हैं। भारत में सूक्ष्मए लघु और म/यम उद्यम क्षेत्र में कुल उद्यमियों में महिला उद्यमियों का प्रतिशत लगभग 20ः से 22ः है, जो यह दर्शाता है कि पारंपरिक सीमाओं को पार कर महिलाएँ अब व्यावसायिक मोर्चे पर नेतृत्व कर रही हैं। इसमें कोटा शहर की कुल 450 महिला उद्यामियों ने भाग लिया हैं। शोध परिणामों से यह स्पष्ट होता है कि अधिकांश महिला उद्यमी अपने व्यवसाय और कार्यप्रणाली की दशा से संतुष्ट हैं। इस अ/ययन में असंगठित क्षेत्र की महिला उद्यमियों की संतुष्टि स्तर को टी- परीक्षण के मा/यम से जांचा गया है। यह शोध पत्र कोटा शहर की असंगठित क्षेत्र की महिला उद्यमियों की कार्य संतुष्टि के स्तर की विश्लेषण करने के उद्देश्य से लिखा गया है।
1. आर्य, साधना, पांडा, शिबा चरण, एवं कौर, गुरवीन. (2017). महिला उद्यमिता और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति. जर्नल ऑफ एंटरप्रेन्योरशियल स्टडीज, 4(2), 33ण्47ण्
2. कुमार, सुरेंद्र, रघुवंशी, अन्विता, मैंदोला, स्नेहा, एवं चौधरी, अनिल. (2021). राजस्थान की महिला उद्यमियों को प्रभावित करने वाले कारकः पायलट अ/ययन. जर्नल ऑफ बिजनेस रिसर्च, 11;4द्धए 101ण्117ण्
3. चव्हाण, विभावरी एम. (2016). महिला उद्यमिताः प्रेरणा और चुनौतियाँ. जर्नल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च, 7(2), 55.70.
4. बोसी, किट यिन. (2017). सिंगापुर में महिला उद्यमिता की सफलता के कारण. एशियन जर्नल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, 3;1द्धए 8ण्19ण्
5. यादव, एस. एस., गुप्ता, एस., और चौधरी, ए. के. (2025). वैज्ञानिक शोध पद्धतिः सिद्धांत, उपकरण, और तकनीक (१ला संस्करण). सीआरसी प्रेस. ीजजचेरू//कवपण्वतह/10ण्1201/9781003664871
6. श्रीवास्तव, के., पडेगांवकर, के., रविकुमार, एस., और हरिता, पी. (2025). शोध पद्धतिः उपकरण और तकनीक. एडिशन पब्लिशर।