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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 8 | No. 3 (I) | July-September, 2026 ]

भारत में महिला मानवाधिकारः विकास, चुनौतियाँ और संरक्षण के उपाय

Sapna Swami & Dr. Ramesh Kumar

भारत में महिला मानवाधिकार का प्रश्न समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और कानून से गहराई से जुड़ा हुआ है। लोकतंत्र की सफलता इसी से आँकी जाती है कि वह सभी नागरिकों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर कितनी प्रभावी तरह से देता है। लंबे समय तक भारतीय समाज में महिलाओं को पितृसत्तात्मक सोच, सामाजिक रूढ़ियों, अशिक्षा, आर्थिक निर्भरता और भेदभावपूर्ण परंपराओं के कारण सीमित अधिकार मिले। स्वतंत्रता के बाद संविधान ने समानता, स्वतंत्रता, गरिमा और सुरक्षा की गारंटी दी तथा अनेक कानून बनाए गए, लेकिन व्यवहार में घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज, बाल विवाह, भ्रुण हत्या, शिक्षा-रोजगार में असमानता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। ग्रामीण, गरीब, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक महिलाओं की स्थिति और भी कठिन है। इसलिए महिला अधिकारों की रक्षा के लिए कानून के साथ-साथ सामाजिक मानसिकता, शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता, राजनीतिक भागीदारी और संस्थागत संवेदनशीलता में सुधार आवश्यक है।

Swami, S. & Kumar, R. (2026). Hkkjr esa efgyk ekuokf/kdkj% fodkl] pqukSfr;k¡ vkSj laj{k.k ds mik;. International Journal of Education, Modern Management, Applied Science & Social Science, 08(03(I)), 96–102. https://doi.org/10.62823/IJEMMASSS/8.3(I).9230

1.    ममता मेहरोत्रा (2024) महिला अधिकार
2.    पी. डी. शर्मा (2024) महिला सशक्तिकरण और नारीवाद
3.    डॉ. सुनीता ठाकुर (2026) विधान, संविधान और महिलाएं
4.    के. के. पब्लिकेशन्स (2022) महिलाओं के कानूनी अधिकार
5.    राष्ट्रीय महिला आयोग (2025) मातृत्व सशक्तिकरणः मातृत्व लाभ अधिनियम 1961
6.    राष्ट्रीय महिला आयोग (2025) हम भारत की महिलाएं
7.    राष्ट्रीय महिला आयोग (2025) Breaking the Silence


DOI:

Article DOI: 10.62823/IJEMMASSS/8.3(I).9230

DOI URL: https://doi.org/10.62823/IJEMMASSS/8.3(I).9230


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