डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भारतीय शिक्षा-दर्शन के ऐसे विचारक थे जिन्होंने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन का साधन नहीं, बल्कि चरित्र-निर्माण, राष्ट्र-निर्माण और मानव-निर्माण की प्रक्रिया माना। उनके शैक्षिक विचारों में नैतिकता, आध्यात्मिकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सृजनशीलता जैसे मूल्यों का विशेष महत्व है। प्रस्तुत शोध-लेख में डॉ. कलाम के शैक्षिक विचारों में निहित मूल्यों का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। इसमें उनकी पुस्तकों, भाषणों तथा शिक्षा-दर्शन के आधार पर प्रमुख शैक्षिक मूल्यों का वर्गीकरण, उनके शैक्षिक सिद्धांतों में मूल्य-आधारित शिक्षा की भूमिका, तथा समकालीन शिक्षा-व्यवस्था में उनके विचारों की प्रासंगिकता का विवेचन किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डॉ. कलाम की शिक्षा-दृष्टि मूल्य-केन्द्रित, छात्र-केन्द्रित और राष्ट्र-उन्मुख है, जो आज के वैश्वीकरण एवं तकनीकी युग में अत्यंत प्रासंगिक है।
शब्दकोशः डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, मूल्य-आधारित शिक्षा, नैतिक शिक्षा, शिक्षा-दर्शन, राष्ट्रनिर्माण।