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INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 6 | No. 4 (II) | October - December, 2024 ]

भारत तथा राजस्थान में सूफीवाद का उद्य एवं विकास का अ/ययन

जगदीश प्रसाद बैरवा (Jagdish Prasad Bairwa)

भारत में म/यकाल को महान सांस्कृतिक के युग के रूप में जाना जाता है। इस काल में सांस्कृतिक विकासों के एक नए चरण की शुरुआत हुई। तुर्क और मुगलों ने नए विचारों को पेश किया तथा धर्म, दर्शन और विचार, भाषा और साहित्य, स्थापत्य कला की शैलियां और इमारत निर्माण सामग्री का प्रयोग, चित्रकला और ललित कला के क्षेत्रा में नई विशेषताओं का जन्म हुआ। भारत हर क्षेत्रों में पहले ही सांस्कृतिक रूप से काफी समद्ध था। विभिन्न संस्कृतियों के संश्लेषण ने नई दार्शनिक तथा धार्मिक परम्पराओं, विचारों और संस्कृति के नए रूपांे और शैलियों को जन्म दिया।

शब्दकोशः सूफीवाद, उद्य, विकास, रहस्यवाद, सम्प्रदाय।


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