ISO 9001:2015

INTERNATIONAL JOURNAL OF EDUCATION, MODERN MANAGEMENT, APPLIED SCIENCE & SOCIAL SCIENCE (IJEMMASSS) [ Vol. 6 | No. 3 (I) | July - September, 2024 ]

विविध कालों में महिलाओं की स्थिति का स्वरूप

डॉ अमिता जैन (Dr. Amita Jain)

समाज में महिलाओं की स्थिति का विश्लेषण वर्तमान परिस्थिति के आधार पर पूर्णरूपेण नहीं किया जा सकता। महिलाएँ प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर रही हैं और वर्तमान में महिलाओं ने एक सशक्त नारी की छवि स्थापित की है। भारत में महिलाओं की स्थिति का विहंगावलोकन करने के लिए विभिन्न कालों, जैसे- वैदिक, मुस्लिम, ब्रिटिश एवं आधुनिक काल में उनकी स्थिति का अध्ययन करने के उपरान्त ही समाज में महिलाओं की स्थिति का ज्ञान किया जा सकता है। विभिन्न ऐतिहासिक काल क्रमों में महिलाओं की स्थिति भी अलग-अलग प्रकार की रही है। महिलाओं की स्थिति जानने का आधार मुख्य रूप से उनका सामाजिक आदर, शिक्षा व्यवस्था, परिवार में स्थान, लैंगिक भेदभाव का न होना, रूढ़ियों एवं कुप्रथाओं का न होना, आर्थिक संसाधनों पर नियन्त्रण, निर्णय लेने की क्षमता का प्रयोग एवं स्वतन्त्रता आदि में निहित होता है।

शब्दकोशः आर्थिक विकास, महिला शिक्षा, लघु उद्योग, नारी शक्ति।


DOI:

Article DOI:

DOI URL:


Download Full Paper:

Download